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Showing posts from April, 2018
ये ब्लॉग नारी की बुरी स्थिति के विचार पर है - नारी को देवी और महान माँ का दर्जा देने वाले समाज में उसकी स्थिति शोचनीय क्यों है? बलात्कार की घटनाये सहज हैं और उसका सारा अपमान सिर्फ नारी के हिस्से में है? दहेज़ के लिए जब कोई नारी मार दी जाती है तो दोष उसके पिता का है उसने अपनी बेटी के लिए क्यों नहीं जोड़ा पैसा? ऊपर से तो लोग बाते न्याय की करते हैं पर भारतीय समाज नारी को ही हर तरह दोष देने की नीति पर चलता है यहां समाज का विभाजन लिंग पैर आधारित है और उसी के हिसाब से व्यक्ति का जीवन निर्धारण होता है. यदि पुरुष है तो पिता की संपत्ति का अधिकारी है महिला है तो उसके हिस्से में घर का काम है और अगर थर्ड जेंडर है तो समाज से बहार है ? सबसे ज्यादा सम्मान अधिकार और महत्व पुरुष के लिए है महिला का जीवन भी और शरीर भी पुरुष के ही लिए है ये असमानता से बना हुआ सामाजिक ढांचा कैसे किसी तरह से न्याय को सपोर्ट कर सकता है? जब जड़ ही अन्याय पर बनी है तो समाज में न्याय का कोई सम्मान या स्थान ही नहीं है| पुरुष शरीर और बल से ताकतवर है स्त्री कमजोर है शिक्षा भी पुरुष सदियों से हासिल कर रहे हैं और स्त्री की शिक्ष...